
मौदहा से जिला ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट
मौदहा, हमीरपुर। मौदहा कोतवाली क्षेत्र में नेशनल हाईवे-34 पर आए दिन होने वाले हादसों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पेट्रोल पंप के अंदर और बाहर सड़क किनारे खड़े ट्रकों से दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। हाईवे पर वाहनों की आवाजाही के बीच भारी वाहनों का इस तरह खड़ा होना राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बना है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसों के लिए केवल शासन-प्रशासन को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। वाहन मालिकों और पेट्रोल पंप संचालकों को भी यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करना चाहिए। एनएच-34 पर पहले भी कई हादसों में लोगों की जान जा चुकी है। ऐसे में खड़े ट्रकों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है।
वहीं, एनएच-34 से भमौरा लिंक रोड के पास दूसरा मामला भी सामने आया है, जहां गौवंश गंदा पानी पीने को मजबूर दिखाई दे रहा है। सरकार द्वारा अन्ना मवेशियों के लिए गौशालाओं पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, इसके बावजूद सड़कों के आसपास गौवंश के खुले में घूमने और गंदा पानी पीने की स्थिति व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।
मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक द्वारा सड़क सुरक्षा एवं अन्ना मवेशियों को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति पूरी तरह सुधरती नजर नहीं आ रही है। स्थानीय लोगों ने खनिज विभाग, उपजिलाधिकारी मौदहा और मौदहा कोतवाली पुलिस से दोनों मामलों में प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
लोगों का कहना है कि सड़क सुरक्षा और गौवंश संरक्षण केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि वाहन मालिकों, पेट्रोल पंप संचालकों और आम नागरिकों की भी सामूहिक जिम्मेदारी है। संबंधित विभाग यदि समय रहते कार्रवाई करें तो संभावित हादसों और पशुओं की दुर्दशा को रोका जा सकता है।

